Monday, August 31, 2009

ਭੂਤ ਭਵਿੱਖ "............" ?

3 comments:

  1. Do akhraan vich bahut kuch kahna koi tuhade ton sikhe .....bahut khoob ....!!
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  2. ਸਮਾਂ ਆਪਣੀ ਚਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ.. ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰ ਹੋ ਕੇ।
    ਬਹੁਤ ਸੋਹਣਾ ਸੰਕੇਤ ਹੈ ...
    ਜੀਵਨ ਵਿਚਲੇ ਵੇਗ ਨੂੰ ਮਾਪਣ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤ ਕੋਸ਼ਿਸ਼।
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  3. अनाम जी माफी चाहुंदी हाँ कि कई दिन तों आपजी दे ब्लोग ते नहीं आयी असल विच कम्पयूटर दी चंगी जानकार नहीं हाँ अजे तक वी सब कुझ खिलरिया जिहा है जिस कर के दिमग विचों निकल जान्दा है बाकी तुहडियां रचना बारे तां इक ही शब्द है लाजवाब इह कमाल तुसीं ही कर सकदे हो कि दो अखरां विच पूरी जिन्दगी लिख देनी बहुत बहुत बधाई
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